Vishaka Guidelines and POSH Act: विशाखा दिशा-निर्देश

विशाखा दिशा-निर्देश Vishaka Guidelines 1997 में महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा देने के लिए जारी किए गए। जानिए उनके उद्देश्य, ICC(Internal Complaints Committee) की भूमिका, शिकायत निवारण प्रक्रिया और POSH Act 2013 के तहत कानूनी प्रावधान।

  1. विशाखा दिशा-निर्देश का परिचय / Introduction to Vishaka Guidelines

विशाखा दिशा-निर्देश भारत में कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने के लिए जारी किए गए थे। ये दिशा-निर्देश 1997 में सर्वोच्च न्यायालय के Vishaka बनाम राजस्थान राज्य केस के फैसले के बाद लागू किए गए। उस समय यह स्पष्ट हो गया कि भारत में कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई स्पष्ट कानूनी ढांचा नहीं था।

इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य यह था कि सभी संगठन महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और निष्पक्ष कार्यस्थल सुनिश्चित करें। इसके माध्यम से न केवल महिलाओं को सुरक्षा दी गई, बल्कि कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए कार्यस्थल की पेशेवर और सकारात्मक संस्कृति भी स्थापित हुई।

  1. पृष्ठभूमि: विशाखा दिशा-निर्देश क्यों बनाए गए / Background: Why Vishaka Guidelines Were Introduced

विशाखा दिशा-निर्देश उन गंभीर मामलों के जवाब में बनाए गए, जहां महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर शारीरिक, मानसिक या मौखिक उत्पीड़न हुआ। इस दिशा-निर्देश की पृष्ठभूमि में सबसे प्रमुख है Vishaka बनाम राजस्थान राज्य (1997) का मामला।

इस मामले में एक महिला को सरकारी कार्यालय में यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और उचित कानूनी मदद नहीं मिली। न्यायालय ने यह देखा कि भारत में महिलाओं के कार्यस्थल पर सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश नहीं थे। इसके परिणामस्वरूप, सर्वोच्च न्यायालय ने Vishaka Guidelines जारी किए, ताकि कार्यस्थलों पर महिलाओं को संरक्षित किया जा सके और संगठन सुरक्षित और न्यायसंगत कार्यप्रणाली अपनाएं।

  1. यौन उत्पीड़न की परिभाषा / Definition of Sexual Harassment

विशाखा दिशा-निर्देशों के अनुसार, यौन उत्पीड़न में निम्नलिखित गतिविधियाँ शामिल हैं:

  • अनचाहा शारीरिक संपर्क या आक्रामकता: जैसे किसी महिला को छूना या शारीरिक धमकी देना।
  • कामकाजी या पेशेवर वातावरण में अपमानजनक व्यवहार: कर्मचारियों को असहज महसूस कराने वाले शब्द, टिप्पणियाँ या व्यवहार।
  • असभ्य इशारे या शब्दों का प्रयोग: अश्लील इशारे, अनुचित टिप्पणियाँ या गाली-गलौज।
  • करियर या नौकरी से जुड़े धमकीपूर्ण व्यवहार: जैसे पदोन्नति रोकना, नौकरी से हटाने की धमकी या अनुचित दबाव।

इस परिभाषा का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है।

  1. दिशा-निर्देश की मुख्य विशेषताएँ / Key Features of the Guidelines

विशाखा दिशा-निर्देशों की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  1. नियोक्ता की जिम्मेदारी: हर संगठन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका कार्यस्थल महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक हो।
  2. शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया: कर्मचारियों को शिकायत दर्ज करने का अधिकार और त्वरित प्रक्रिया उपलब्ध हो।
  3. गोपनीयता: शिकायतकर्ता की पहचान और शिकायत की जानकारी गोपनीय रखी जाए, ताकि किसी भी प्रतिशोध से बचा जा सके।
  4. प्रतिकारात्मक कार्रवाई: उत्पीड़क के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
  5. जागरूकता और प्रशिक्षण: नियमित training और awareness programs के माध्यम से कर्मचारियों को यौन उत्पीड़न के प्रति जागरूक किया जाए।

नियोक्ताओं की जिम्मेदारियाँ / Duties of Employers

नियोक्ताओं के लिए मुख्य जिम्मेदारियाँ इस प्रकार हैं:

  • महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करना।
  • कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करना।
  • कर्मचारियों को जागरूकता और प्रशिक्षण देना।
  • शिकायतों की गोपनीय और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना।
  • उत्पीड़न के मामलों में उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करना।
  1. आंतरिक शिकायत समिति (ICC): भूमिका और जिम्मेदारी / Internal Complaints Committee (ICC)

Internal Complaints Committee (ICC) हर संगठन में अनिवार्य है। इसका उद्देश्य शिकायतों की निष्पक्ष और त्वरित जांच करना है। ICC की प्रमुख जिम्मेदारियाँ:

  • शिकायतों की गोपनीय जांच करना।
  • उत्पीड़क के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करना।
  • कर्मचारियों को मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान करना।
  • कर्मचारियों के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।

शिकायत निवारण प्रक्रिया / Complaint Mechanism

  • शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत लेखन में दर्ज करनी होती है।
  • ICC द्वारा तत्काल और निष्पक्ष जांच शुरू की जाती है।
  • जांच के बाद, ICC अपनी सिफारिशें नियोक्ता को प्रस्तुत करती है।
  • नियोक्ता द्वारा उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
  • प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जाती है।
  1. रोकथाम और जागरूकता कार्यक्रम / Preventive Measures and Awareness Programs
  • सभी कर्मचारियों के लिए training और awareness programs आयोजित करना।
  • कार्यस्थल पर संहिता और नीति लागू करना।
  • कर्मचारियों को यौन उत्पीड़न के प्रकार, शिकायत प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों की जानकारी देना।
  • नियमित workshops और seminars के माध्यम से सकारात्मक और सम्मानजनक कार्यस्थल बनाए रखना।
  1. कार्यस्थल सुरक्षा पर प्रभाव / Impact on Workplace Safety

विशाखा दिशा-निर्देशों से कार्यस्थलों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान बढ़ा है। परिणामस्वरूप:

  • यौन उत्पीड़न के मामले कम हुए।
  • कार्यस्थल का वातावरण अधिक पेशेवर और सकारात्मक बना।
  • कर्मचारियों में सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ा।
  • संगठन में नैतिक और न्यायसंगत व्यवहार को बढ़ावा मिला।

कानूनी स्थिति और विकास: POSH अधिनियम 2013 / Legal Status and Evolution: POSH Act, 2013

2013 में, विशाखा दिशा-निर्देशों को POSH (Prevention of Sexual Harassment) Act में कानूनी रूप दिया गया। अब यह बाध्यकारी कानून बन चुका है।

  • हर संगठन के लिए ICC बनाना और यौन उत्पीड़न से सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
  • POSH Act ने कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा और सशक्तता प्रदान की।
  • शिकायत निवारण प्रक्रिया और अनुशासनात्मक कार्रवाई अब कानून द्वारा बाध्यकारी हो गई है।
  1. महत्वपूर्ण केस और उदाहरण / Landmark Cases and Examples
  • Vishaka vs. State of Rajasthan (1997): इस केस में सर्वोच्च न्यायालय ने महिलाओं के कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किए।
  • ICC और POSH Act के माध्यम से अन्य मामलों में उत्पीड़न के न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किए गए।
  • इन केसों ने संगठन को जिम्मेदार और सुरक्षित कार्यस्थल बनाने के लिए प्रेरित किया।
  1. निष्कर्ष / Conclusion

विशाखा दिशा-निर्देश और POSH अधिनियम ने भारत में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित किया है।

  • यह कानून न केवल महिलाओं की सुरक्षा करता है बल्कि संगठन के पेशेवर और सकारात्मक माहौल को भी बनाए रखता है।

कार्यस्थलों में महिलाओं की भागीदारी और आत्मविश्वास बढ़ाने में इन दिशा-निर्देशों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विशाखा दिशा-निर्देश और POSH Act 2013 – महत्वपूर्ण तथ्य

  1. Vishaka Guidelines का उद्देश्य / Objective of Vishaka Guidelines
  • महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा देना।
  • सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करना।
  • कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए स्पष्ट शिकायत निवारण प्रक्रिया बनाना।
  • संगठनों में सकारात्मक कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देना।
  1. कानूनी पृष्ठभूमि / Legal Background
  • Vishaka Guidelines 1997 में सर्वोच्च न्यायालय के Vishaka बनाम राजस्थान राज्य फैसले के बाद लागू हुए।
  • यह निर्णय उस समय आया जब भारत में महिलाओं के कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए कोई स्पष्ट कानूनी ढांचा नहीं था।
  • 2013 में, Vishaka Guidelines को POSH (Prevention of Sexual Harassment) Act, 2013 में कानूनी रूप दिया गया।
  • अब यह बाध्यकारी कानून बन चुका है।
  1. यौन उत्पीड़न की परिभाषा / Definition of Sexual Harassment

Vishaka Guidelines के अनुसार, यौन उत्पीड़न में शामिल हैं:

  1. अनचाहा शारीरिक संपर्क या आक्रामकता।
  2. कामकाजी या पेशेवर वातावरण में अपमानजनक व्यवहार।
  3. असभ्य इशारे या शब्दों का प्रयोग।
  4. नौकरी या करियर से जुड़े धमकीपूर्ण व्यवहार।

इस परिभाषा का उद्देश्य है कि सभी संगठन महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल प्रदान करें।

  1. नियोक्ताओं की जिम्मेदारियाँ / Employer Responsibilities
  • महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करना।
  • शिकायत निवारण तंत्र (Complaint Redressal Mechanism) स्थापित करना।
  • कर्मचारियों को जागरूकता और प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • शिकायतों की गोपनीय और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना।
  • उत्पीड़क के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करना।
  1. आंतरिक शिकायत समिति (ICC) / Internal Complaints Committee
  • हर संगठन में ICC अनिवार्य है।
  • ICC में कम से कम 5 सदस्य होने चाहिए, जिसमें महिला सदस्य और विशेषज्ञ शामिल हों।
  • ICC की भूमिका:
    • शिकायतों की गोपनीय जांच करना।
    • उत्पीड़क के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश।
    • कर्मचारियों को मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान करना।
    • नियमित awareness programs और workshops आयोजित करना।
  1. शिकायत निवारण प्रक्रिया / Complaint Redressal Process
  1. शिकायत लेखन में ICC को दर्ज की जाती है।
  2. ICC तत्काल और निष्पक्ष जांच शुरू करता है।
  3. जांच के बाद ICC अपनी सिफारिशें नियोक्ता को प्रस्तुत करता है।
  4. नियोक्ता द्वारा उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
  5. गोपनीयता और शिकायतकर्ता की सुरक्षा हमेशा बनाए रखी जाती है।
  1. रोकथाम और जागरूकता / Prevention and Awareness
  • Training और awareness programs आयोजित करना।
  • कार्यस्थल में संहिता और नीति लागू करना।
  • नियमित workshops और seminars के माध्यम से कर्मचारियों को यौन उत्पीड़न के प्रकार, शिकायत प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक करना।
  • सकारात्मक और सम्मानजनक कार्यसंस्कृति बनाए रखना।
  1. कानूनी स्थिति और POSH Act 2013 / Legal Status
  • POSH Act 2013 ने Vishaka Guidelines को कानूनी रूप दिया।
  • हर संगठन में ICC बनाना और शिकायत निवारण प्रक्रिया लागू करना अनिवार्य है।
  • यह कानून महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर अनुशासन सुनिश्चित करता है।
  • गैर-पालन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
  1. महत्वपूर्ण केस / Landmark Case
  • Vishaka vs State of Rajasthan (1997): महिलाओं के कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए।
  • इस केस ने यह स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
  1. कार्यस्थल पर प्रभाव / Workplace Impact
  • महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान में वृद्धि।
  • यौन उत्पीड़न के मामले कम हुए।
  • कार्यस्थल अधिक पेशेवर और सकारात्मक बना।
  • कर्मचारियों में आत्मविश्वास और सुरक्षा बढ़ी।
  1. महत्वपूर्ण तथ्य / Key Facts
  1. Vishaka Guidelines 1997 में आए और POSH Act 2013 ने इन्हें कानूनी रूप दिया।
  2. सभी कार्यस्थलों पर ICC अनिवार्य है।
  3. शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
  4. POSH Act में न्यूनतम 5 सदस्यों वाली ICC अनिवार्य है।
  5. शिकायत दर्ज करने का समय: 90 दिन
  6. ICC को रिपोर्ट जमा करने का समय: 60 दिन
  7. प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम हर साल नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
  8. POSH Act पालन न करने पर कानूनी दंड संभव है।

MCQs – Vishaka Guidelines & POSH Act 2013

  • विशाखा दिशा-निर्देश कब जारी किए गए थे?
    A) 1995
    B) 1997
    C) 2000
    D) 2013
    Answer: B) 1997
  •  
  • विशाखा दिशा-निर्देश किस केस के बाद लागू हुए थे?
    A) State of Punjab vs. XYZ
    B) Vishaka vs. State of Rajasthan
    C) Indira Gandhi vs. Union of India
    D) None of the above
    Answer: B) Vishaka vs. State of Rajasthan
  •  
  • यौन उत्पीड़न की परिभाषा में क्या शामिल है?
    A) अनचाहा शारीरिक संपर्क
    B) अपमानजनक शब्द या व्यवहार
    C) नौकरी से जुड़ी धमकी
    D) उपरोक्त सभी
    Answer: D) उपरोक्त सभी
  •  
  • आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    A) कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़ाना
    B) यौन उत्पीड़न की शिकायतों की निष्पक्ष और त्वरित जांच करना
    C) कर्मचारियों को छुट्टी देना
    D) संगठन की आय बढ़ाना
    Answer: B) यौन उत्पीड़न की शिकायतों की निष्पक्ष और त्वरित जांच करना
  •  
  • शिकायत निवारण प्रक्रिया में पहला कदम क्या है?
    A) ICC जांच शुरू करता है
    B) शिकायत लिखित में दर्ज करनी होती है
    C) नियोक्ता अनुशासनात्मक कार्रवाई करता है
    D) कर्मचारियों को training दी जाती है
    Answer: B) शिकायत लिखित में दर्ज करनी होती है
  •  
  • POSH Act 2013 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    A) कर्मचारियों को बोनस देना
    B) Vishaka Guidelines को कानूनी रूप देना
    C) कर्मचारियों की छुट्टियों की संख्या बढ़ाना
    D) संगठन की सुरक्षा बढ़ाना
    Answer: B) Vishaka Guidelines को कानूनी रूप देना
  •  
  • नियोक्ताओं की जिम्मेदारी क्या है?
    A) सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करना
    B) कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना
    C) कर्मचारियों को अधिक काम देना
    D) केवल महिलाओं को नौकरी देना
    Answer: A) सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करना
  •  
  • Vishaka Guidelines के तहत शिकायतकर्ता की पहचान कैसे रखी जाती है?
    A) सार्वजनिक रूप से
    B) गोपनीय रखा जाता है
    C) केवल वरिष्ठ अधिकारियों को बताया जाता है
    D) कर्मचारियों को बताया जाता है
    Answer: B) गोपनीय रखा जाता है
  •  
  • Vishaka Guidelines का कानूनी रूप किस अधिनियम में दिया गया?
    A) Labour Act 2000
    B) POSH Act 2013
    C) Industrial Disputes Act 1947
    D) Women Safety Act 2010
    Answer: B) POSH Act 2013
  •  
  • ICC की मुख्य जिम्मेदारियों में क्या शामिल है?
    A) शिकायतों की जांच
    B) उत्पीड़क के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई
    C) कर्मचारियों को मार्गदर्शन देना
    D) उपरोक्त सभी
    Answer: D) उपरोक्त सभी
  •  
  • Vishaka Guidelines किसके लिए लागू होती हैं?
    A) केवल सरकारी कर्मचारी
    B) केवल निजी कर्मचारी
    C) सभी कार्यस्थल जहाँ महिलाएँ काम करती हैं
    D) केवल स्कूल और कॉलेज
    Answer: C) सभी कार्यस्थल जहाँ महिलाएँ काम करती हैं
  •  
  • Vishaka Guidelines का प्रमुख प्रभाव क्या है?
    A) महिलाओं की सुरक्षा बढ़ी
    B) कार्यस्थल अधिक पेशेवर और सकारात्मक बना
    C) कर्मचारियों में आत्मविश्वास बढ़ा
    D) उपरोक्त सभी
    Answer: D) उपरोक्त सभी
  •  
  • शिकायतकर्ता को कितने समय में ICC को शिकायत दर्ज करनी चाहिए?
    A) 30 दिन
    B) 90 दिन
    C) 6 महीने
    D) 1 वर्ष
    Answer: B) 90 दिन
  •  
  • POSH Act में ICC में कितने सदस्य होने चाहिए?
    A) 3
    B) 4
    C) 5
    D) 7
    Answer: C) 5
  •  
  • Vishaka Guidelines के तहत नियोक्ता क्या सुनिश्चित करता है?
    A) महिलाओं की सुरक्षा
    B) गोपनीय शिकायत निवारण
    C) नियमित training
    D) उपरोक्त सभी
    Answer: D) उपरोक्त सभी
  •  
  • Vishaka Guidelines कब बाध्यकारी बन गई?
    A) 1997
    B) 2005
    C) 2013
    D) 2015
    Answer: C) 2013 (POSH Act के तहत)
  •  
  • यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करने का माध्यम क्या है?
    A) मौखिक रूप
    B) लेखन में
    C) सोशल मीडिया
    D) केवल मेल
    Answer: B) लेखन में
  •  
  • ICC शिकायत की जांच के लिए कितने दिनों में रिपोर्ट तैयार करता है?
    A) 30 दिन
    B) 60 दिन
    C) 90 दिन
    D) 120 दिन
    Answer: B) 60 दिन
  •  
  • Vishaka Guidelines का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    A) महिलाओं की कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना
    B) कर्मचारियों का वेतन बढ़ाना
    C) संगठन की मुनाफा बढ़ाना
    D) कर्मचारियों को छुट्टी देना
    Answer: A) महिलाओं की कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना
  •  
  • Vishaka Guidelines किसके लिए मार्गदर्शक हैं?
    A) केवल कर्मचारियों के लिए
    B) केवल नियोक्ताओं के लिए
    C) कार्यस्थल पर सभी कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए
    D) केवल सरकारी कार्यालयों के लिए
    Answer: C) कार्यस्थल पर सभी कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए

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https://apfcexamguide.in/maternity-benefit-act1961/

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Vishaka Guidelines and POSH Act
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