OSH code 2020: व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाएँ संहिता, 2020

OSH code 2020: भारत में श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों से जुड़े प्रमुख प्रावधान, उद्देश्य और नियोक्ताओं की जिम्मेदारियां जानें।

परिचय | Introduction

व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाएँ संहिता, 2020 (OSHWC Code) भारत सरकार द्वारा लागू किए गए श्रम सुधारों का तीसरा बड़ा कोड है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य वातावरण, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ और बेहतर कार्य दशाएँ प्रदान करना है।

इस संहिता ने पहले के 13 अलग-अलग श्रम कानूनों को एक साथ मिलाकर एक ही कानून बना दिया है। पहले 622 धाराएँ थीं, अब उन्हें घटाकर केवल 134 धाराएँ कर दिया गया है। इसका फायदा यह है कि अब संस्थानों को अलग-अलग पंजीकरण कराने की जगह केवल एक पंजीकरण करना होगा और हर साल केवल एक वार्षिक रिटर्न भरना होगा।

 OSH code 2020
परिभाषाएँ (Definitions under OSHWC Code, 2020)

कर्मचारी (Employee)

वह व्यक्ति जो किसी संस्थान में वेतन या पारिश्रमिक पर काम करता है, चाहे वह स्थायी हो, अस्थायी हो, प्रशिक्षु हो या कांट्रैक्ट पर नियुक्त हो।

नियोक्ता (Employer)

वह व्यक्ति, संस्था या प्राधिकरण जो श्रमिकों को काम पर रखता है और उनकी सुरक्षा, वेतन और कार्य दशाओं के लिए जिम्मेदार होता है।

श्रमिक (Worker)

कोई भी व्यक्ति जो शारीरिक या तकनीकी कार्य करता है, लेकिन इसमें सशस्त्र बलों या पुलिस सेवा में लगे कर्मचारी शामिल नहीं हैं।

संस्थान (Establishment)

कोई भी स्थान जहाँ उद्योग, व्यापार, व्यवसाय, विनिर्माण या सेवा गतिविधियाँ चलाई जाती हैं और जहाँ नियत संख्या में श्रमिक कार्यरत हों।

स्वास्थ्य और सुरक्षा मानक (Occupational Health and Safety Standards) OSH code 2020

नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी कि कार्यस्थल पर:

  • स्वच्छ पानी, पर्याप्त शौचालय और स्नानघर हों।
  • धूल, गैस और विषैले पदार्थों से मुक्त वातावरण मिले।
  • उचित प्रकाश, हवादारी और तापमान नियंत्रण हो।
  • भीड़भाड़ से बचने की व्यवस्था हो।
  • खतरनाक मशीनों और उपकरणों पर सुरक्षा उपाय हों।
  • कर्मचारियों की मुफ्त स्वास्थ्य जाँच नियमित रूप से हो।

दुर्घटना और बीमारी की सूचना (Accident and Occupational Disease Reporting) OSH code 2020

  • यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु या गंभीर चोट होती है, तो नियोक्ता को तुरंत संबंधित प्राधिकारी को सूचना देनी होगी।
  • किसी भी खतरनाक घटना की रिपोर्ट अनिवार्य है, भले ही उसमें किसी की मृत्यु न हुई हो।
  • चिकित्सक (Doctor) को भी यदि कोई व्यावसायिक बीमारी मिलती है, तो उसकी रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।

कर्मचारी के अधिकार और कर्तव्य (Rights and Duties of Employees)

कर्मचारी के अधिकार (Rights of Employees)

  • सुरक्षित और स्वस्थ कार्यस्थल का अधिकार।
  • स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी माँगने का अधिकार।
  • असुरक्षित कार्य को रोकने और शिकायत करने का अधिकार।
  • उचित वेतन और छुट्टी पाने का अधिकार।

कर्मचारी के कर्तव्य (Duties of Employees)

  • स्वयं और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना।
  • सुरक्षा नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना।
  • असुरक्षित स्थिति की तुरंत सूचना देना।
  • सुरक्षा उपकरणों या व्यवस्था में जानबूझकर बाधा न डालना।

दंड और अपराध (Penalties and Offences)

  • सुरक्षा प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ता पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • गंभीर उल्लंघन की स्थिति में कारावास की सजा भी हो सकती है।
  • दुर्घटना या मृत्यु छुपाने पर कड़ा दंड तय है।
  • यदि कांट्रैक्टर बिना लाइसेंस के काम कराता है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

राष्ट्रीय और राज्य सलाहकार बोर्ड (National and State Advisory Boards)

  • केंद्र सरकार राष्ट्रीय व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सलाहकार बोर्ड का गठन करेगी।
  • राज्य सरकारें राज्य स्तर पर सलाहकार बोर्ड बनाएंगी।
  • इन बोर्ड का काम सुरक्षा मानकों की समीक्षा करना और नई नीतियों की सिफारिश करना होगा।

कानून और समझौते पर प्रभाव | Effect on Laws and Agreements (OSH code 2020)

इस संहिता के लागू होने के बाद:

  • इसके प्रावधान किसी भी अन्य कानून, सेवा अनुबंध, समझौते या पुरस्कार से अधिक प्रभावी होंगे।
  • यदि किसी कर्मचारी को किसी पुराने अनुबंध से इस संहिता से ज्यादा लाभ मिलता है, तो वह लाभ उसे मिलता रहेगा।
  • कर्मचारी चाहे तो अपने नियोक्ता से और भी बेहतर सुविधाएँ लेने के लिए समझौता कर सकता है।                 इसका मतलब यह है कि यह कोड न्यूनतम स्तर तय करता है, लेकिन कर्मचारी और नियोक्ता चाहें तो इससे बेहतर शर्तों पर काम कर सकते हैं।

मसौदा नियम (Draft Rules) | Draft Rules under OSHWC Code (OSH Code 2020)

इस संहिता  OSH code 2020 के लागू होने पर कई पुराने नियम इसमें शामिल हो जाएंगे। इनमें प्रमुख हैं:

  • डॉक वर्कर्स (सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण) नियम, 1990
  • भवन और अन्य निर्माण श्रमिक नियम, 1998
  • खान नियम, 1955
  • खान बचाव नियम, 1985
  • खान व्यावसायिक प्रशिक्षण नियम, 1966
  • पिटहेड बाथ नियम, 1959
  • खान क्रेच नियम, 1966
  • संविदा श्रमिक नियम, 1971
  • अंतर-राज्यीय प्रवासी श्रमिक नियम, 1979
  • कार्यरत पत्रकार नियम, 1957
  • सिने-वर्कर्स नियम, 1984
  • बिक्री प्रोत्साहन कर्मचारी नियम, 1976

अब इन सबको अलग-अलग मानने की बजाय एक ही OSHWC Code 2020 के तहत मान्यता दी जाएगी।

लागू क्षेत्र और दायरा | Applicability and Coverage (OSH Code 2020)​

यह संहिता  OSH code 2020 उन सभी संस्थानों पर लागू होगी जहाँ:

  • 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हों।
  • मोटर परिवहन, समाचार पत्र, ऑडियो-वीडियो प्रोडक्शन, निर्माण कार्य या बागान में काम हो रहा हो।
  • कारखाना (Factory) में 10+ कर्मचारी हों।
  • खदान या बंदरगाह क्षेत्र में डॉक वर्क चल रहा हो।

 यह संहिता केंद्र या राज्य सरकार के अपने कार्यालयों पर लागू नहीं होगी, लेकिन ठेकेदार द्वारा रखे गए श्रमिकों पर जरूर लागू होगी।

लाइसेंस और पंजीकरण | Licensing and Registration (OSH Code 2020)​

  • अब केवल एक पंजीकरण प्रणाली होगी।
  • नए संस्थानों को 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
  • जो संस्थान पहले से किसी केंद्रीय कानून के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें दोबारा पंजीकरण नहीं कराना होगा।
  • नियोक्ता को अपनी जानकारी श्रम सुविधा पोर्टल पर अपडेट करनी होगी।

 इससे ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा मिलेगा और नियोक्ता के लिए अनुपालन आसान होगा।

नियोक्ता के कर्तव्य | Duties of Employers (OSH Code 2020)​

हर नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि: OSH code 2020

  • कार्यस्थल पूरी तरह खतरों से मुक्त हो।
  • कर्मचारियों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच कराई जाए।
  • कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण और साफ-सफाई बनी रहे।
  • अपशिष्ट और ई-कचरे का सुरक्षित निपटान किया जाए।
  • हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र दिया जाए।
  • चिकित्सा परीक्षण या सुरक्षा उपायों के लिए कर्मचारियों से कोई शुल्क न लिया जाए।

विशेष प्रावधान (कारखाना, खान, डॉक, निर्माण और बागान):

  • सुरक्षित मशीनरी और कार्य प्रणाली देना।
  • प्रशिक्षण और निगरानी की व्यवस्था करना।
  • कार्यस्थल पर रोशनी, हवा और सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराना।

खान मालिक, एजेंट और प्रबंधक के कर्तव्य | Duties of Mine Owners, Agents and Managers (OSH Code 2020)​

  • खदानों में सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का पालन सुनिश्चित करना।
  • अगर कोई उल्लंघन होता है तो मालिक, एजेंट और प्रबंधक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

डिजाइनर, निर्माता, आयातक और आपूर्तिकर्ता के कर्तव्य | Duties of Designers, Manufacturers, Importers and Suppliers (OSH Code 2020)​

  • हर मशीन, उपकरण और पदार्थ सुरक्षित होना चाहिए
  • उत्पादन से पहले आवश्यक परीक्षण और शोध किया जाना चाहिए।
  • विदेश से आयात होने वाले उत्पाद भारतीय मानकों या उससे उच्च मानकों के अनुरूप होने चाहिए।

आर्किटेक्ट और इंजीनियर के कर्तव्य | Duties of Architects and Engineers

  • परियोजना डिजाइन करते समय श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना।
  • खतरनाक सामग्री या प्रक्रियाओं से बचना।
  • रखरखाव के समय सुरक्षा सुनिश्चित करना।

दुर्घटना और बीमारी की सूचना | Reporting of Accidents and Diseases

  • अगर किसी दुर्घटना में मृत्यु या गंभीर चोट होती है, तो नियोक्ता को तुरंत सूचना देनी होगी।
  • खतरनाक घटनाओं या बीमारियों की स्थिति में भी रिपोर्ट करना आवश्यक है।
  • डॉक्टर भी किसी व्यावसायिक बीमारी की पहचान होने पर तुरंत रिपोर्ट देंगे।

कर्मचारी के कर्तव्य | Duties of Employees

  • खुद की और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना।
  • सुरक्षा मानकों का पालन करना।
  • असुरक्षित स्थिति की तुरंत जानकारी देना।
  • कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़ न करना।

कर्मचारी के अधिकार | Rights of Employees

  • नियोक्ता से स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त करना।
  • असुरक्षित कार्य की शिकायत करना।
  • यदि जीवन को खतरा हो तो काम रोकना और इसकी सूचना देना।

राष्ट्रीय और राज्य सलाहकार बोर्ड | National and State Advisory Boards

  • केंद्र सरकार एक राष्ट्रीय व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सलाहकार बोर्ड बनाएगी।
  • राज्य सरकारें अपने स्तर पर राज्य सलाहकार बोर्ड गठित करेंगी।

सुरक्षा मानक | Safety Standards

केंद्र सरकार विभिन्न क्षेत्रों जैसे कारखानों, खानों, डॉक, बीड़ी-सिगार, भवन और निर्माण कार्य के लिए सुरक्षा मानक अधिसूचित करेगी।

सुरक्षा समिति और सुरक्षा अधिकारी | Safety Committee and Safety Officer

  • बड़े संस्थानों में सुरक्षा समिति और सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य होगी।

स्वास्थ्य, सुरक्षा और कार्य दशाएँ | Health, Safety and Working Conditions

नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि:

  • कार्यस्थल पर साफ-सफाई हो।
  • स्वच्छ पेयजल, शौचालय और प्रकाश की व्यवस्था हो।
  • पर्याप्त हवादारी और भीड़ से बचाव हो।
  • धूल और जहरीली गैसों से सुरक्षा हो।

कल्याण सुविधाएँ | Welfare Provisions

संहिता  OSH code 2020 के अनुसार:

  • पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर के लिए अलग वॉशिंग, बाथ और लॉकर रूम होंगे।
  • सभी कर्मचारियों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था होगी।
  • 100+ कर्मचारियों वाले संस्थानों में कैंटीन अनिवार्य होगी।
  • प्राथमिक उपचार और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • 50+ कर्मचारियों वाले संस्थानों में क्रेच की व्यवस्था होगी।
  • खदान और प्लांटेशन में वेलफेयर ऑफिसर नियुक्त करना अनिवार्य होगा।

कार्य के घंटे और अवकाश | Working Hours and Leave

  • कोई भी कर्मचारी दिन में 8 घंटे से अधिक काम नहीं करेगा।
  • सप्ताह में 6 दिन कार्य निर्धारित है।
  • ओवरटाइम पर दुगना वेतन दिया जाएगा।
  • रात की शिफ्ट और डबल रोजगार पर विशेष नियम लागू होंगे।
  • पत्रकारों और सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों को अतिरिक्त अवकाश की सुविधा मिलेगी।

निष्कर्ष | Conclusion

OSHWC Code, 2020 श्रमिकों को सुरक्षित, स्वस्थ और मानवीय कार्य वातावरण उपलब्ध कराता है। यह पुरानी जटिलताओं को समाप्त करके श्रम कानूनों को आधुनिक, सरल और पारदर्शी बनाता है।
इससे न केवल श्रमिकों को लाभ होगा बल्कि नियोक्ताओं के लिए भी अनुपालन आसान होगा।OSH code 2020

व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाएँ संहिता 2020 – महत्वपूर्ण तथ्य (OSH Code 2020)​

  1. लागू होने का वर्ष – यह संहिता वर्ष 2020 में पारित की गई थी और इसका उद्देश्य श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाओं को एकीकृत करना है।
  2. मौजूदा कानूनों का विलय – इस संहिता के अंतर्गत 13 पुराने श्रम कानूनों को एक साथ मिलाया गया है।
  3. लागू क्षेत्र – यह कोड कारखानों (Factories), खानों (Mines), बिड़ी-सिगार उद्योग, प्लांटेशन, भवन एवं अन्य निर्माण कार्य, ऑडियो-वीज़ुअल उद्योग और अन्य संस्थानों पर लागू होता है।
  4. न्यूनतम कर्मचारियों की संख्या
    • बिजली से चलने वाले कारखाने: 20 कर्मचारी
    • बिना बिजली वाले कारखाने: 40 कर्मचारी
    • ठेका श्रमिक (Contract Labour): 50 कर्मचारी
  5. महिला कर्मचारियों के अधिकार – अब महिलाएँ रात की पाली (7 बजे शाम से 6 बजे सुबह) में भी काम कर सकती हैं, बशर्ते उनकी सहमति हो और सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए गए हों।
  6. प्रवासी श्रमिक (Inter-state Migrant Workers) – इन्हें राशन (PDS) का लाभ, बीमा, भविष्य निधि (PF) और टोल-फ्री हेल्पलाइन जैसी सुविधाएँ दी गई हैं।
  7. अवकाश का प्रावधान – हर श्रमिक जिसने एक कैलेंडर वर्ष में 180 दिन काम किया है, उसे वेतन सहित वार्षिक अवकाश (Annual Leave with Wages) का अधिकार होगा।
  8. स्वास्थ्य और सुरक्षा मानक – सभी संस्थानों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा, रोशनी और वेंटिलेशन की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
  9. निरीक्षक-कम-फैसिलिटेटर (Inspector-cum-Facilitator) – इनकी नियुक्ति सरकार करेगी। इन्हें कार्यस्थल की जाँच, रजिस्टर देखने, नमूने लेने और कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार होगा।
  10. दंड (Penalties) – कानून के उल्लंघन पर नियोक्ता और ठेकेदार पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

read more 

https://labour.gov.in/whatsnew/occupational-safety-health-and-working-conditions-code-2020-no-37-2020
https://apfcexamguide.in/industrial-employment-standing-orders-act-1946/

OSH code 2020
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