Definitions and Basic Concepts of Accounting: लेखांकन की मूलभूत परिभाषाएं और अवधारणाएं

जानें अकाउंटिंग की परिभाषाएं और मूलभूत अवधारणाएं (Definitions and Basic Concepts of Accounting) जैसे परिसंपत्ति, देनदारियां, पूंजी, आय, व्यय, लाभ-हानि और महत्वपूर्ण लेखांकन सिद्धांत।

परिचय

लेखांकन (Accounting) किसी भी व्यवसाय का सबसे अहम हिस्सा है। व्यवसाय चाहे छोटा हो या बड़ा, सभी जगह आय-व्यय, लाभ-हानि और परिसंपत्तियों-देनदारियों का हिसाब रखना जरूरी होता है। लेखांकन ही वह प्रक्रिया है जो इन सबको व्यवस्थित रूप से दर्ज और प्रस्तुत करता है।

लेखांकन को व्यवसाय की भाषा इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह एक संगठन की आर्थिक स्थिति और उसके प्रदर्शन की जानकारी देता है। यदि कोई छात्र अकाउंटिंग पढ़ रहा है, या प्रतियोगी परीक्षा जैसे APFC, UGC NET, SSC, बैंकिंग, CA, CS की तैयारी कर रहा है, तो लेखांकन की मूलभूत परिभाषाओं को विस्तार से समझना अनिवार्य है।

इस लेख में हम 11 प्रमुख परिभाषाओं का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

Definitions and Basic Concepts of Accounting 

  1. व्यवसाय (Business)

व्यवसाय शब्द अंग्रेजी के Busy शब्द से बना है, जिसका अर्थ है व्यस्त रहना।
परिभाषा: व्यवसाय वह गतिविधि है जिसमें लोग वस्तुओं और सेवाओं की नियमित खरीद-बिक्री या उत्पादन करते हैं, ताकि लाभ (Profit) कमा सकें।

विशेषताएं:

  • लाभ कमाने का उद्देश्य
  • नियमित गतिविधि
  • वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन
  • जोखिम और अनिश्चितता

उदाहरण:

  • कोई दुकानदार रोज़ाना ग्राहकों को सामान बेचता है।
  • एक कंपनी मोबाइल फोन बनाकर बेचती है।

व्यवसाय के बिना लेखांकन की कल्पना भी नहीं की जा सकती क्योंकि लेखांकन का जन्म ही व्यापार की जरूरतों से हुआ है।

  1. प्रारंभिक व्यय (Preliminary Expenses)

जब कोई कंपनी शुरू होती है, तो संचालन से पहले कई खर्चे किए जाते हैं। इन्हें प्रारंभिक व्यय कहते हैं।

उदाहरण:

  • कंपनी पंजीकरण के लिए कानूनी खर्च
  • स्टाम्प शुल्क
  • चार्टर्ड अकाउंटेंट/वकील की फीस
  • विज्ञापन पर प्रारंभिक खर्च

विशेषताएं:

  • यह काल्पनिक परिसंपत्ति (Fictitious Asset) होती है।
  • इसे हर साल धीरे-धीरे लाभ हानि खाते से लिख दिया जाता है।
  • इसे स्थगित राजस्व व्यय (Deferred Revenue Expenditure) भी कहा जाता है।

सरल भाषा में: मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 50,000 रुपये खर्च किए सिर्फ कंपनी शुरू करने के कागजी कामों में। यह खर्च तुरंत लाभ नहीं देगा, बल्कि आने वाले वर्षों में व्यवसाय चलने पर इसका महत्व रहेगा।

  1. पूंजी (Capital)

परिभाषा: पूंजी वह राशि है जिसे व्यवसाय का मालिक नकद या परिसंपत्ति के रूप में लगाता है।

महत्व:

  • यह व्यवसाय चलाने की नींव है।
  • यह मालिक की हिस्सेदारी को दर्शाती है।

उदाहरण:

  • यदि किसी व्यक्ति ने ₹5,00,000 की नकद राशि लगाई और ₹2,00,000 मूल्य की मशीन दी, तो उसकी कुल पूंजी ₹7,00,000 होगी।

नोट:
पूंजी स्थायी रूप से व्यवसाय में लगी रहती है, जबकि मुनाफा मालिक निकाल सकता है।

  1. आहरण (Drawings)

जब व्यवसाय का स्वामी व्यक्तिगत उपयोग के लिए पैसा या सामान निकालता है, तो उसे आहरण कहते हैं।

उदाहरण:

  • दुकान का मालिक घर पर इस्तेमाल के लिए ₹5,000 नकद निकालता है।
  • व्यवसाय से 10 किलो चीनी घर ले जाता है।

महत्व:
आहरण को व्यवसाय का खर्च नहीं माना जाता, बल्कि यह पूंजी में कमी करता है।

  1. परिसंपत्तियां (Assets)

परिसंपत्तियां वे संसाधन हैं जो किसी व्यवसाय के पास होती हैं और जिनसे भविष्य में आर्थिक लाभ मिलता है।

प्रकार:

  1. गैर-वर्तमान परिसंपत्ति (Non-current Assets):
    • वे जो लंबे समय (1 वर्ष से अधिक) के लिए रखी जाती हैं।
    • उदाहरण: भूमि, भवन, मशीनरी, फर्नीचर, पेटेंट, गुडविल।
  2. वर्तमान परिसंपत्ति (Current Assets):
    • वे जिन्हें एक वर्ष के भीतर नकदी में बदला जा सकता है।
    • उदाहरण: नकदी, स्टॉक, देनदार।

सरल उदाहरण:
एक मिठाई की दुकान के लिए मशीन गैर-वर्तमान परिसंपत्ति है और दूध का स्टॉक वर्तमान परिसंपत्ति।

  1. खरीद (Purchase)

व्यवसाय में जब वस्तुएं या कच्चा माल खरीदा जाता है, तो उसे खरीद कहते हैं।

प्रकार:

  • नकद खरीद (Cash Purchase): तुरंत भुगतान करके की गई खरीद।
  • उधार खरीद (Credit Purchase): बाद में भुगतान की शर्त पर की गई खरीद।

उदाहरण:

  • एक कपड़ा व्यापारी 50 मीटर कपड़ा नकद खरीदता है।
  • वही व्यापारी 100 मीटर कपड़ा उधार लेता है।
  1. बेची गई वस्तुओं की लागत (Cost of Goods Sold – COGS)

यह वह प्रत्यक्ष लागत है जो वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन पर आती है।

सूत्र:

COGS = प्रारंभिक स्टॉक + खरीद – समापन स्टॉक

उदाहरण:

  • प्रारंभिक स्टॉक = ₹20,000
  • खरीद = ₹50,000
  • समापन स्टॉक = ₹10,000
    तो COGS = 20,000 + 50,000 – 10,000 = ₹60,000
  1. व्यापार देय (Trade Payables)

व्यापार देय वे दायित्व हैं जो किसी व्यवसाय को वस्तुओं/सेवाओं के बदले चुकाने होते हैं।

उदाहरण:

  • व्यवसाय ने 1,00,000 रुपये का माल उधार खरीदा, अब यह व्यापार देय कहलाएगा।

अन्य नाम:

  • Accounts Payable
  • Sundry Creditors
  1. व्यय (Expenses)

व्यवसाय चलाने और राजस्व कमाने के लिए किए गए सभी खर्च व्यय कहलाते हैं।

प्रकार:

  • प्रत्यक्ष व्यय (Direct Expenses): उत्पादन से जुड़ा खर्च, जैसे मजदूरी, कच्चा माल।
  • अप्रत्यक्ष व्यय (Indirect Expenses): प्रशासनिक या बिक्री खर्च, जैसे किराया, वेतन, बिजली।

उदाहरण:

  • मजदूरी = प्रत्यक्ष व्यय
  • ऑफिस का किराया = अप्रत्यक्ष व्यय
  1. राजस्व/बिक्री (Revenue/Sales)

व्यवसाय की मुख्य गतिविधियों से होने वाली आय को राजस्व कहते हैं।

उदाहरण:

  • दुकान पर बेचे गए सामान से प्राप्त रकम।
  • कंपनी द्वारा दी गई सेवा से कमाई गई राशि।

नोट:
राजस्व हमेशा शुद्ध मूल्य पर दर्ज होता है (यानी व्यापारिक छूट घटाकर)।

  1. व्यापार प्राप्य (Trade Receivables)

जब व्यवसाय किसी ग्राहक को उधार पर माल बेचता है, तो उस ग्राहक से वसूली जाने वाली राशि व्यापार प्राप्य कहलाती है।

उदाहरण:

  • अगर किसी व्यापारी ने ₹50,000 का माल ग्राहक को उधार बेचा, तो वह राशि देयक (Debtor) कहलाएगी।

अन्य नाम:

  • Accounts Receivable
  • Sundry Debtors
  1. खराब ऋण (Bad Debts)

परिभाषा: वह ऋण (loan) या उधारी जो ग्राहक से वापस नहीं मिल पाता, खराब ऋण कहलाता है।
उदाहरण: अगर किसी व्यापारी ने माल उधार पर बेचा और ग्राहक पैसे लौटाने में असमर्थ रहा, तो यह व्यापारी के लिए “खराब ऋण” बन जाता है।
महत्व: यह व्यवसाय की हानि होती है और इसे Profit & Loss Account में खर्च के रूप में दिखाया जाता है।

  1. छूट (Discount)
  1. व्यापारिक छूट (Trade Discount): थोक या बड़ी मात्रा में खरीद पर दी जाने वाली छूट।
    • उदाहरण: 1000 रुपये का माल थोक में खरीदने पर 10% छूट।
    • यह सीधे बिल से घटा दी जाती है और अकाउंट में अलग से दर्ज नहीं होती।
  2. नकद छूट (Cash Discount): समय पर भुगतान करने पर दी जाने वाली छूट।
    • उदाहरण: 30 दिन में भुगतान करने पर 5% छूट।
    • यह अकाउंट बुक्स में अलग से “खर्च” और “आय” के रूप में दर्ज होती है।
  1. लाभ (Profit/Gain)

परिभाषा: जब किसी व्यवसाय की आय (Revenue) उसके खर्च (Expenses) से अधिक होती है, तो उसे लाभ कहते हैं।
प्रकार:

  • ऑपरेटिंग प्रॉफिट: मुख्य व्यापारिक गतिविधियों से हुआ लाभ।
  • नॉन-ऑपरेटिंग प्रॉफिट: जैसे ब्याज आय, निवेश से लाभ।
  1. हानि (Loss)

परिभाषा: जब खर्च आय से अधिक हो जाए, तो वह हानि कहलाती है।
प्रकार:

  • व्यापारिक हानि (Business Loss)
  • असाधारण हानि (जैसे आग, चोरी से नुकसान)
  1. व्यय (Expenditure)

परिभाषा: वह खर्च जो व्यवसाय लंबे समय के लाभ के लिए करता है।
उदाहरण:

  • नई मशीनरी खरीदना
  • ऑफिस बिल्डिंग बनाना
    यह Capital Expenditure कहलाता है क्योंकि इससे लंबे समय तक फायदा मिलता है।
  1. स्टॉक/भंडार (Inventory)

परिभाषा: वे वस्तुएं जो व्यवसाय बिक्री या उत्पादन के लिए रखता है।
प्रकार:

  • कच्चा माल (Raw Material)
  • अधूरा उत्पादन (Work in Progress)
  • तैयार माल (Finished Goods)

महत्व: स्टॉक कंपनी की सबसे बड़ी चालू परिसंपत्तियों (Current Assets) में गिना जाता है।

  1. देनदारियां (Liabilities)

परिभाषा: वे बाध्यताएं जिन्हें व्यवसाय को भविष्य में चुकाना होता है।
प्रकार:

  • दीर्घकालिक देनदारियां (Long-term Liabilities): जैसे बैंक का टर्म लोन।
  • अल्पकालिक देनदारियां (Short-term Liabilities): जैसे उधारी, बकाया बिल।
  1. पूंजी रसीद और राजस्व रसीद
  • पूंजी रसीद (Capital Receipts): एक बार मिलने वाली राशि जो कंपनी की परिसंपत्तियों या देनदारियों को प्रभावित करती है।
    • जैसे: शेयर पूंजी, बैंक लोन।
  • राजस्व रसीद (Revenue Receipts): बार-बार होने वाली आय जो कंपनी की नियमित गतिविधियों से आती है।
    • जैसे: बिक्री से प्राप्त पैसा।
  1. पूंजीगत व्यय और राजस्व व्यय
  • पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure): लंबे समय के लिए परिसंपत्तियों पर किया गया खर्च।
    • उदाहरण: नई मशीन खरीदना।
  • राजस्व व्यय (Revenue Expenditure): रोज़मर्रा के संचालन पर खर्च।
    • उदाहरण: बिजली बिल, वेतन।
  1. वाउचर (Voucher)

परिभाषा: वाउचर वह लिखित प्रमाण है जो किसी वित्तीय लेन-देन को साबित करता है।
उदाहरण:

  • नकद भुगतान की रसीद
  • बैंक से निकासी पर्ची
  1. अमोर्टाइजेशन (Amortization)

परिभाषा: अमूर्त परिसंपत्तियों (Intangible Assets) का मूल्य धीरे-धीरे घटाने की प्रक्रिया।
उदाहरण: पेटेंट, गुडविल का हर साल कुछ हिस्सा खर्च में दर्ज करना।
महत्व: इससे यह सुनिश्चित होता है कि परिसंपत्ति का खर्च उसकी उपयोग अवधि में बराबर बंटे।

  1. स्थगित व्यय (Deferred Expenditure)

परिभाषा: ऐसा खर्च जो अभी किया गया हो, लेकिन उसका लाभ आने वाले वर्षों में मिले।
उदाहरण: बड़े स्तर पर विज्ञापन खर्च।

  1. पूर्व भुगतान व्यय (Prepaid Expense)

परिभाषा: जब किसी सेवा या सुविधा का भुगतान पहले कर दिया जाता है और उसका लाभ भविष्य में मिलता है।
उदाहरण:

  • बीमा प्रीमियम
  • लाइसेंस शुल्क
  1. बकाया व्यय/आय (Outstanding Expense/Income)
  • बकाया व्यय: खर्च हो चुका है लेकिन भुगतान बाकी है।
    • उदाहरण: कर्मचारियों का वेतन बकाया।
  • बकाया आय: आय का हक बन चुका है लेकिन पैसा अभी नहीं मिला।
    • उदाहरण: फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज।
  1. असाधारण मद (Extraordinary Item)

परिभाषा: ऐसी आय या खर्च जो सामान्य व्यापारिक गतिविधियों से अलग हों और बार-बार न हों।
उदाहरण: प्राकृतिक आपदा से नुकसान, कोर्ट केस से प्राप्त मुआवजा।

  1. विरासत (Legacies)

परिभाषा: वसीयत द्वारा किसी व्यक्ति को प्राप्त धन या संपत्ति।
विशेष: यह पूंजीगत प्रकृति का होता है और बार-बार नहीं मिलता।

  1. संभाव्य परिसंपत्ति (Contingent Assets)

परिभाषा: भविष्य की अनिश्चित घटनाओं पर निर्भर परिसंपत्ति।
उदाहरण: कोई कोर्ट केस जिसे जीतने पर कंपनी को पैसा मिलेगा।
नोट: अकाउंटिंग में इसे बैलेंस शीट में नहीं दिखाते, केवल नोट्स में लिखते हैं।

  1. संभाव्य देनदारी (Contingent Liability)

परिभाषा: भविष्य की अनिश्चित परिस्थितियों पर आधारित देनदारी।
उदाहरण: कोर्ट केस हारने पर भुगतान करना पड़ सकता है।
नोट: इसे भी बैलेंस शीट में नहीं दिखाया जाता, सिर्फ नोट्स में लिखा जाता है।

  1. प्रावधान (Provisions)

परिभाषा: ऐसी अनुमानित देनदारी जिसे व्यवसाय भविष्य में चुकाने के लिए अभी से अलग रखता है।
उदाहरण:

  • खराब ऋण के लिए प्रावधान (Provision for Bad Debts)
  • टैक्स प्रावधान (Provision for Taxation)

लेखांकन (Accounting) की मूलभूत परिभाषाएं और अवधारणाओं पर महत्वपूर्ण तथ्य (Definitions and Basic Concepts of Accounting)

  1. लेखांकन (Accounting)
  • यह वित्तीय लेन-देन को दर्ज करने, वर्गीकृत करने और सारांश प्रस्तुत करने की प्रक्रिया है।
  • इसका उद्देश्य व्यवसाय की वित्तीय स्थिति और परिणाम स्पष्ट करना है।
  1. बहीखाता (Book Keeping)
  • लेखांकन का पहला चरण है।
  • केवल लेन-देन को दर्ज करने तक सीमित होता है।
  1. परिसंपत्ति (Assets)
  • वे संसाधन जिनसे भविष्य में आर्थिक लाभ की उम्मीद हो।
  • दो प्रकार: मूर्त (जैसे मशीन, भवन) और अमूर्त (जैसे गुडविल, पेटेंट)।
  1. देनदारियां (Liabilities)
  • व्यवसाय की बाध्यताएं या भुगतान करने योग्य राशि।
  • अल्पकालिक (Short-term) और दीर्घकालिक (Long-term) में बंटी होती हैं।
  1. पूंजी (Capital)
  • मालिक द्वारा व्यवसाय में लगाया गया धन।
  • यह Assets – Liabilities के बराबर होती है।
  1. आय (Income)
  • वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री या अन्य स्रोतों से प्राप्त धन।
  • उदाहरण: किराया, कमीशन, ब्याज।
  1. व्यय (Expenditure/Expense)
  • आय अर्जित करने के लिए किया गया खर्च।
  • पूंजीगत व्यय और राजस्व व्यय में वर्गीकृत।
  1. लाभ और हानि (Profit & Loss)
  • आय > व्यय = लाभ।
  • व्यय > आय = हानि।
  1. जर्नल (Journal)
  • सभी लेन-देन की तिथि-वार पहली प्रविष्टि की किताब।
  • इसे मूल प्रविष्टि पुस्तिका भी कहते हैं।
  1. खाता-बही (Ledger)
  • जर्नल से ट्रांजैक्शन ट्रांसफर करके खातेवार वर्गीकरण किया जाता है।
  • प्रत्येक खाते का डेबिट और क्रेडिट बैलेंस यहां दिखता है।
  1. ट्रायल बैलेंस (Trial Balance)
  • सभी खातों का सारांश।
  • इससे डेबिट और क्रेडिट का संतुलन जांचा जाता है।
  1. वित्तीय विवरण (Financial Statements)
  • इसमें Trading A/c, Profit & Loss A/c और Balance Sheet शामिल होते हैं।
  • ये व्यवसाय की वित्तीय स्थिति बताते हैं।
  1. लेखांकन अवधारणाएं (Accounting Concepts)
  • Going Concern Concept: व्यवसाय लगातार चलता रहेगा।
  • Accrual Concept: आय और खर्च उसी वर्ष मान्य होंगे जिस वर्ष वे घटित हुए।
  • Consistency Concept: लेखांकन पद्धति बार-बार नहीं बदली जानी चाहिए।
  • Money Measurement Concept: केवल धन में मापी जाने वाली चीजें दर्ज होंगी।
  • Business Entity Concept: मालिक और व्यवसाय अलग-अलग इकाई माने जाएंगे।

Quick Revision Facts

  • लेखांकन = आर्थिक लेन-देन की भाषा।
  • परिसंपत्तियां = जो लाभ दिलाएं।
  • देनदारियां = जो चुकानी हों।
  • पूंजी = मालिक का निवेश।
  • Going Concern = व्यवसाय निरंतर चलता रहेगा।
  • Accrual Concept = आय-व्यय घटित होने पर दर्ज होंगे।

लेखांकन पर 20 MCQ प्रश्नोत्तरी (Definitions and Basic Concepts of Accounting)

प्रश्न 1. लेखांकन (Accounting) को किस नाम से जाना जाता है?
a) प्रबंधन की भाषा
b) व्यवसाय की भाषा
c) शिक्षा की भाषा
d) विज्ञान की भाषा
उत्तर: b) व्यवसाय की भाषा

प्रश्न 2. जर्नल (Journal) को किस नाम से जाना जाता है?
a) अंतिम प्रविष्टि पुस्तिका
b) मूल प्रविष्टि पुस्तिका
c) खाता-बही
d) ट्रायल बैलेंस
उत्तर: b) मूल प्रविष्टि पुस्तिका

प्रश्न 3. वह राशि जिसे व्यवसाय भविष्य में चुकाने के लिए बाध्य हो, कहलाती है–
a) पूंजी
b) परिसंपत्ति
c) देनदारी
d) व्यय
उत्तर: c) देनदारी

प्रश्न 4. मालिक द्वारा व्यवसाय में लगाया गया धन कहलाता है–
a) राजस्व
b) पूंजी
c) लाभ
d) प्रावधान
उत्तर: b) पूंजी

प्रश्न 5. “व्यवसाय और मालिक को अलग-अलग इकाई मानना” किस अवधारणा पर आधारित है?
a) निरंतरता अवधारणा
b) व्यवसाय इकाई अवधारणा
c) उपार्जन अवधारणा
d) लागत अवधारणा
उत्तर: b) व्यवसाय इकाई अवधारणा

प्रश्न 6. नकद और बैंक शेष किस प्रकार की परिसंपत्तियां हैं?
a) गैर-वर्तमान परिसंपत्ति
b) वर्तमान परिसंपत्ति
c) स्थिर परिसंपत्ति
d) अमूर्त परिसंपत्ति
उत्तर: b) वर्तमान परिसंपत्ति

प्रश्न 7. लाभ तब होता है जब–
a) आय = व्यय
b) आय > व्यय
c) व्यय > आय
d) कोई लेन-देन न हो
उत्तर: b) आय > व्यय

प्रश्न 8. हानि कब होती है?
a) जब आय > व्यय
b) जब व्यय > आय
c) जब दोनों समान हों
d) जब पूंजी अधिक हो
उत्तर: b) जब व्यय > आय

प्रश्न 9. वह दस्तावेज़ जो किसी लेन-देन का प्रमाण देता है, कहलाता है–
a) बिल
b) रसीद
c) वाउचर
d) ट्रायल बैलेंस
उत्तर: c) वाउचर

प्रश्न 10. अमूर्त परिसंपत्तियों का मूल्य समय के साथ घटाना कहलाता है–
a) Depreciation
b) Amortization
c) Provision
d) Discount
उत्तर: b) Amortization

प्रश्न 11. वह खर्च जो एक बार होता है और भविष्य में लंबे समय तक लाभ देता है–
a) राजस्व व्यय
b) पूंजीगत व्यय
c) सामान्य व्यय
d) अप्रत्यक्ष व्यय
उत्तर: b) पूंजीगत व्यय

प्रश्न 12. Outstanding Expense का अर्थ है–
a) पहले से किया गया भुगतान
b) किया गया खर्च लेकिन भुगतान बाकी
c) अग्रिम में दी गई राशि
d) असाधारण आय
उत्तर: b) किया गया खर्च लेकिन भुगतान बाकी

प्रश्न 13. व्यापारिक छूट (Trade Discount) कब दी जाती है?
a) नकद भुगतान पर
b) थोक खरीद पर
c) समय पर भुगतान करने पर
d) उधार बिक्री पर
उत्तर: b) थोक खरीद पर

प्रश्न 14. नकद छूट (Cash Discount) का उद्देश्य है–
a) बिक्री बढ़ाना
b) समय पर भुगतान करवाना
c) पूंजी जुटाना
d) व्यय घटाना
उत्तर: b) समय पर भुगतान करवाना

प्रश्न 15. जब कोई व्यक्ति अपनी देनदारियां नहीं चुका पाता तो वह कहलाता है–
a) Solvent
b) Insolvent
c) Borrower
d) Creditor
उत्तर: b) Insolvent

प्रश्न 16. Going Concern Concept का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a) व्यवसाय को बंद मानना
b) व्यवसाय अनिश्चित काल तक चलता रहेगा
c) केवल नकद लेन-देन दर्ज करना
d) केवल मालिक की पूंजी दिखाना
उत्तर: b) व्यवसाय अनिश्चित काल तक चलता रहेगा

प्रश्न 17. Bad Debts किसे कहते हैं?
a) लाभ का हिस्सा
b) वसूल न हो सकने वाली राशि
c) अग्रिम भुगतान
d) पूंजीगत खर्च
उत्तर: b) वसूल न हो सकने वाली राशि

प्रश्न 18. Provisions का मुख्य उद्देश्य है–
a) लाभ बढ़ाना
b) भविष्य की संभावित देनदारियों को ध्यान में रखना
c) पूंजी निवेश बढ़ाना
d) खर्च कम करना
उत्तर: b) भविष्य की संभावित देनदारियों को ध्यान में रखना

प्रश्न 19. Trading Account किसके लिए बनाया जाता है?
a) परिसंपत्तियों को जानने के लिए
b) देनदारियां जानने के लिए
c) सकल लाभ/हानि ज्ञात करने के लिए
d) पूंजी निकालने के लिए
उत्तर: c) सकल लाभ/हानि ज्ञात करने के लिए

प्रश्न 20. Balance Sheet क्या दर्शाती है?
a) व्यवसाय की आय और व्यय
b) लाभ और हानि
c) किसी तिथि पर व्यवसाय की वित्तीय स्थिति
d) नकद लेन-देन
उत्तर: c) किसी तिथि पर व्यवसाय की वित्तीय स्थिति

read more 

https://study.com/academy/lesson/what-are-accounts-definition-and-use-to-categorize-transactions.html

https://apfcexamguide.in/payment-of-wages-act-1936/

Definitions and Basic Concepts of Accounting
Definitions and Basic Concepts of Accounting